ईरान, इज़राइल और अमेरिका महायुद्धमें युद्ध विराम करने के लिए जो श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा है उससे विश्व गुरु ब्रिक्स अध्यक्ष पंतप्रधान नरेंद्र मोदी वचित रहे -किशोर तिवारी

 ईरान, इज़राइल और अमेरिका महायुद्धमें युद्ध विराम  करने के लिए जो श्रेय   पाकिस्तान को मिल रहा है उससे विश्व गुरु ब्रिक्स अध्यक्ष  पंतप्रधान नरेंद्र मोदी वचित रहे -किशोर तिवारी 

तारीख-८ अप्रैल २०२६ 

आज  ईरान, इज़राइल और अमेरिका महायुद्धमें युद्ध विराम द्वारा पाकिस्तान और तुर्की की पहल घोषणा अमेरिका के अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने उसका पुरा श्रेय ईरान ने पाकिस्तान को दिया है और उन्हका आभार भी अदा किया है मगर भारत जो अपने आपको विश्व गुरु कहलाता उसकी कमजोर विदेश निति की वजहसे और ४० दिनकी चुप्पी से आज दुनियामें एक कमजोर देश और ब्रिक्स के अध्यक्ष ने ईरान जैसे ब्रिक्स संघटन के सदस्य देश में शांति की पहल नहीं करना भोत ही लज्जास्पद बात है,इसप्रकार तीखी प्रतिक्रिया राजकीय विश्लेषक और महाराष्ट्र किसान नेता किशोर तिवारी व्यक्त की है  । 
किशोर तिवारी अपने प्रेस विवेदन में कहा जो ईरान एकेला मुस्लिम राष्ट्र हर वक्त पाकिस्तान आतंकी हमले के वक्त भारत के साथ खड़ा रहा ,वहा अमेरिका ने पिछले ४० दिनमे जो नरसंहार किया वह युद्ध गुनाह कर रहा था और स्कूल कॉलेज संसाधन बर्बाद कर रहा मासूम बच्चे और निरपराध नागरिकोंको निशाना बना रहा था उसवक्त विश्व गुरु भारत चुनाव प्रचार में व्यस्त था। सबसे ज्यादा बुरी बात तो भारत के विदेश मंत्री शिवशंकर ने हम युद्धविराम जैसे दलाली के काम नहीं करते यह बयां देकर की,हमारे महामहिम विश्वगुरु ब्रिक्स अध्यक्ष  पंतप्रधान नरेंद्र मोदी ने ईरान के प्रमुख खोमैनी निर्मम हत्या साधा दुःख परगट नहीं किया यह शर्म की बात है। 

भारत ब्रिक्स राष्ट्रोंका (BRICS) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में सभी पक्षों से आग्रह करना चाहिये था की अमेरिका के अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रैम्प और भारत के मित्र देश इज़राइल ने को  नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए  और  अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का सख्ती से पालन करना चाहिए यह अपील करनी चाहिए थी मगर इस नरसंहार पर भारत का चुप रहना या खोर अपराथ है भारत ने अपने ब्रिक्स राष्ट्रों के प्रती उत्तरदायित्व तो पूरा नहीं किया  और शांति बहाल करने के उद्देश्य से  अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में रचनात्मक योगदान नहीं दिया क्या यह उचित है ऐसा सवाल किशोर तिवारी ने भारत सरकारसे किया है  ।

२०२६  की शुरुआत तक, करीबन एक  करोड़ से ज़्यादा भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग  मध्य पूर्व में रहते हैं, जो दुनिया भर में रहने वाले सभी अनिवासी भारतीयों  का ५५ % से ज़्यादा हिस्सा हैं। संयुक्त अरब  और सऊदी अरब में इनकी आबादी सबसे ज़्यादा है; इसके अलावा कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन में भी इनके बड़े समुदाय हैं। ये लोग मुख्य रूप से तेल, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में काम करते हैं इसमें करीबन १ लाख भारतीय भारत वापस आ गए है और वह सब बेरोजगार हो चुके है अब विश्वगुरु ब्रिक्स अध्यक्ष  पंतप्रधान नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर समस्या पर तो मुँह खोलना चाहिए ,यह विनती किशोर तिवारी ने सरकारसे की है। 
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